IPL इतिहास में पहली बार हुआ है, जब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) प्ले-ऑफ से बाहर हुई है। हालांकि टीम के लिए अच्छी बात ऋतुराज गायकवाड़ की खोज रही है। युवा बल्लेबाज का यह डेब्यू सीजन था। ऋतुराज ने शुरुआती 3 मैच में सिर्फ 5 रन बनाए थे। इस दौरान वे दो बार जीरो पर भी आउट हुए।

इसके बाद आखिर के 3 मैच में उन्हें धोनी ने मौका दिया, जिसमें उन्होंने लगातार तीन फिफ्टी (65, 72, 62 रन) लगाई। CSK के लिए ऐसा करने वाले वे पहले खिलाड़ी भी बने। ऋतुराज ने इस अदभुत बदलाव के लिए धोनी को श्रेय दिया।

फ्लॉप होने के बाद दबाव में आ गए थे ऋतुराज

ऋतुराज ने स्पोर्ट स्टार से कहा, ‘‘मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में मेरे जल्दी आउट होने से टीम उबर नहीं पाई। खुद को कोस रहा था कि मैं टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दे सका। तभी धोनी मेरे पास आए। उन्होंने मुझसे कहा कि हम तुम पर दबाव नहीं डालना चाहते, लेकिन सभी को तुमसे बहुत उम्मीदे हैं। मैं यही कहूंगा कि तुम रन बनाओ या नहीं, लेकिन अगले 3 मैच जरूर खेलोगे। तुम बस खेल का मजा लो, परफॉर्मेंस के बारे में मत सोचो। धोनी की यह बातें सुनने के बाद मेरे सोचने का तरीका बदल गया। फिर मेरे खेल में अदभुत बदलाव हुआ।’’

ऋतुराज ने सीजन में धोनी से ज्यादा रन बनाए

युवा ओपनर ऋतुराज ने 6 मैच में 204 रन बनाए। जबकि धोनी 14 मैच खेलकर सिर्फ 200 रन ही बना सके। इस दौरान ऋतुराज का औसत 51 का रहा, जो धोनी (25) से दोगुना है। धोनी इस सीजन में एक भी फिफ्टी नहीं लगा सके, जबकि ऋतुराज ने लगातार 3 अर्धशतक जड़े।