मुंबई इंडियंस ने 5वीं बार IPL का खिताब जीता। वह सबसे ज्यादा बार टूर्नामेंट जीतने वाली टीम बन गई। रोहित की टीम ने पहली बार फाइनल में पहुंची दिल्ली कैपिटल्स को 5 विकेट से हराया। इस हार से दिल्ली के साथ एक अनचाहा रिकॉर्ड जुड़ गया। दिल्ली फाइनल में 160 से कम रन बनाकर हारने वाली पहली टीम बन गई।

उधर, 6 बार खिताबी मुकाबले में पहुंची रोहित की टीम पहली बार लक्ष्य का पीछा करके जीती है। इससे पहले 2010 के फाइनल में भी मुंबई ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ चेज किया था, पर यह मुकाबला वह हार गई थी।

8 गेंदे बाकी रहते मुंबई ने जीता मुकाबला

इससे पहले, दुबई के मैदान पर दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 157 रन का टारगेट दिया था। इसके जवाब में मुंबई ने 18.4 ओवर में 5 विकेट गंवाकर 157 रन बनाते हुए मैच जीत लिया। टीम के लिए रोहित शर्मा ने सबसे ज्यादा 51 बॉल में 68 और ईशान किशन ने 19 बॉल में 33 रन बनाए।

मुंबई 3 बार फाइनल में 160 से कम रन का टारगेट देकर जीती

IPL के 12 सीजन में 4 टीमों ने फाइनल में 160 से कम का स्कोर बनाया और चैम्पियन बनीं। 3 बार मुंबई ने ऐसा किया। उसने 2019 में चेन्नई, 2017 में पुणे सुपरजाइएंट्स और 2013 में चेन्नई के खिलाफ 160 से कम का टारगेट डिफेंड किया। एक बार 2009 में डेक्कन चार्जर्स ने बेंगलुरु के खिलाफ 160 रन से कम का स्कोर बनाकर खिताब जीता था।

आर्चर को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना

ट्रेंट बोल्ट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने 4 ओवर में 30 रन देकर 3 विकेट लिए। वहीं, राजस्थान रॉयल्स के जोफ्रा आर्चर को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने 14 मैच में 20 विकेट लिए और 113 रन भी बनाए।

राहुल को ऑरेंज और रबाडा को पर्पल कैप

किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान लोकेश राहुल ने 14 मैच में सबसे ज्यादा 670 रन बनाते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम की। वहीं, दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने पर्पल कैप जीती। उन्होंने सीजन में 17 मैच खेले, जिसमें सबसे ज्यादा 30 विकेट लिए।

दूसरी बार फाइनल में दोनों टीमों के कप्तान ने लगाई फिफ्टी

यह दूसरी बार है, जब फाइनल में दोनों टीमों के कप्तानों ने फिफ्टी लगाई। इससे पहले 2016 के फाइनल में हैदराबाद के कप्तान डेविड वॉर्नर ने 69 रन और बेंगलुरु के कप्तान विराट कोहली ने 54 रन बनाए थे।

चैंपियंस की तरह मुंबई ने चेज किया टारगेट

मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा और क्विंटन डिकॉक ने तेज शुरुआत दी। दोनों ने 45 रन की ओपनिंग पार्टनरशिप की।

डिकॉक 20 रन बनाकर स्टोइनिस की बॉल पर विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट हो गए।

इसके बाद टीम ने 90 रन पर दूसरा विकेट गंवाया। सूर्यकुमार (19) रनआउट हो गए। इसके बाद रोहित ने ईशान के साथ तीसरे विकेट के लिए 47 रन की पार्टनरशिप की। रोहित 68 रन बनाकर आउट हुए।

चौथे विकेट के लिए ईशान किशन और पोलार्ड के बीच 10 रनों की पार्टनरशिप हुई। पोलार्ड 17वें ओवर की पहली गेंद पर 9 रन बनाकर आउट हुए।

ईशान क्रीज पर जमे रहे। जब जीत के लिए 3 रन की जरूरत थी, तब हार्दिक आउट हो गए। क्रीज पर आए क्रुणाल और ईशान ने 8 गेंदें बाकी रहते टारगेट चेज कर लिया। ईशान ने 19 गेंदों पर 33 रन बनाए।

दिल्ली शुरुआती झटकों से तो उबरी पर बड़ा टारगेट नहीं दे पाई

दिल्ली की शुरुआत बेहद खराब रही थी। ओपनर स्टोइनिस पहली बॉल पर आउट हुए। बोल्ट ने उन्हें कीपर के हाथों कैच करवाया। IPL इतिहास में पहली बार हुआ, जब कोई खिलाड़ी मैच की पहली बॉल पर आउट हुआ।

तीसरे ओवर में अजिंक्य रहाणे को बोल्ट ने पैवेलियन का रास्ता दिखाया तो सीजन का दूसरा मैच खेल रहे जयंत यादव ने चौथे ओवर में शिखर धवन (15) को क्लीन बोल्ड किया। 3 विकेट पर तब दिल्ली का स्कोर 22 रन था।

क्रीज पर कैप्टन श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत थे। अय्यर ने सबसे ज्यादा नाबाद 65 और ऋषभ पंत ने 56 रन की पारी खेली। IPL में यह अय्यर की 16वीं और पंत की 12वीं फिफ्टी रही। सीजन में अय्यर का तीसरी और पंत का पहला अर्धशतक रहा। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 69 बॉल पर 96 रन की पार्टनरशिप की।

पंत और अय्यर के अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया और दिल्ली की टीम 20 ओवर में 156 रन पर सिमट गई।