कल के मैच देखने के बाद मुझे इतना ख़राब लगा की जिस इंडिया ने पिछले कुछ मैचों में इतना अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन वर्ल्डक की वर्म-अप मैचों इतना हालत ख़राब होगा सोचा भी नहीं था। कल की मैच में इंडिया को कम से कम 300 रनो की आकड़ा छूना था, लेकिन इंडिया इसे करने में नाकामियाब रहा। रवींद्र जडेजा वर्तमान भारतीय टीम में जो एक ऑलराउंडर के रूप में है, और तीसरे स्पिनर के रूप में मददगार हैं, और साथ में कभी कभी बल्लेबाजी की मौका मिलने मिलने के बाद अच्छी प्रदर्शन करता है, जिसका उदहारण कल की मैच में दी चूँकि है । इसी तरह से विचार किया जा सकता है कि अगर भारत को बल्लेबाजी और एक विस्तारित संचालन इकाई में बेहतर दक्षता की जरूरत है। टॉस जीतने के बाद, भारत ने विकेट पर बल्लेबाजी करने के लिए चुना, जिसमें बहुत सारी घास थी। यह एक विकल्प था ताकि बल्लेबाजों को परीक्षण की स्थिति में परीक्षण किया जा सके। शिखर धवन, रोहित शर्मा और केएल राहुल - तीन खिलाडी में से कोई भी अच्छा नहीं चला। यहां तक ​​कि विराट कोहली, जो कॉलिन डी ग्रैंडहोमे से परेशान थे और अंत में भारत ग्यारहवें ओवर में 39 रन पर 04 विकेट गवा दिया गया।

हार्दिक पांड्या ने कुछ तेज़ रन बनाए, जबकि एमएस धोनी कुछ समय के लिए पास रहे लेकिन जब जडेजा बल्लेबाजी करने के लिए बाहर निकले, तब उस समय इंडिया के ७७ रन पर ५ विकेट हो गया था और उसी ओवर में तीन गेंद बाद में 81 रन पर 6 विकेट हो गए। उन्होंने कहा, "यह हमारा पहला खेल था, बल्लेबाजी इकाई के रूप में तनाव के लिए कुछ भी नहीं है। यह बस एक खेल का सवाल है। आप एक भयानक पारी से एक खिलाड़ी पर निर्णय पारित नहीं कर सकते। हमें बस और अधिक ईमानदारी से और अधिक रोशनी से काम करने की जरूरत है। तनाव के लिए कुछ भी नहीं, हर किसी को समझ का एक बड़ा सौदा है।

अपनी पारी को स्पष्ट करते हुए, उन्होंने कहा, "जब मुझे आज इतना लम्बा समय मिला तो मुझे एहसास हुआ कि मेरे पास आज बहुत समय है अपने खेल को दिखाने के लिए। इसलिए आज मैं एक भयानक शॉट खेलना पसंद नहीं करूंगा। मैं खुद को पिच में रहने के लिए कुछ समय दे रहा था। अगर में कुछ समय पिच में बिताता हु तो मुझे बाद में बल्लेबाजी करने के लिए सरल हो जाएगा। अंत में यही हुवा की में कुछ समय पिच में बिताने के बाद मेरे लिए बल्लेबाजी करना सरल हो गया और इंडिया के लिए ज्यादा तो नहीं 54 गेंद में 50 रन बना पाया जो की टीम को थोड़ा स्कोरिंग बोर्ड में सहाय मिला। अंत मे उन्होंने कहा की "मैं आईपीएल के दौरान भी अपनी बल्लेबाजी से दूर रहा था। नेट्स में मुझे जो भी समय मिलता था, मैं अपनी आवश्यक प्रक्रिया को पूरा करता हूं और दृढ़ निश्चय से खेलने की कोशिश करता हूं। जैसे भी मुझे मौका मिलता है, मैं उसे अपने लगन के साथ पूरा करने के लिए कोशिश करता हूँ और भबिष्य में भी करता रहूँगा ।

Quote - "Failure will never overtake me if my determination to succeed is strong enough".

Author- Og Mandino

With Regards @muchukunda