हेलो दोस्तों आशा करता हूं आप लोग ईश्वर की कृपा से अच्छे होंगे l प्रतिदिन की तरह आज भी में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच हो चुकी मैच के बारे में समीक्षा करने जा रहा हूं अगर कोई त्रुटि हुई तो क्षमा कर देना। इंग्लैंड के कप्तान इयोन मॉर्गन टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से सलामती बल्लेबाजी के रूप में आया था डेविड वॉर्नर और एरन फिंच। ऑस्ट्रेलिया के सलामती बल्लेबाजों ने बहुत अच्छा शुरूआत किया था और एक लंबी पारी खेला था। यह दोनों खिलाड़ी हमेशा अच्छा खेलता है और आज भी अच्छा खेला था। डेविड वॉर्नर जोकि ऑस्ट्रेलिया टीम के रीड की हड्डी है उन्होंने हमेशा टीम के लिए अच्छा स्कोर करने की कोशिश करता है। परंतु जैसे ही सलामती बल्लेबाज आउट हो गए थे उसके पश्चात कोई भी खिलाड़ी इतना लंबी पारी नहीं खेल पाया l एक के बाद एक आउट हो जा रहे हैं। अंत में 50 ओवर खेलकर 7 विकेट के नुकसान पर कुल 285 रन बना पाए थे। शुरुआत में तो लग रहा था कि लगभग स्कोर 350 के करीब जाएगा लेकिन इन के मिडल ऑर्डर इतना अच्छा नहीं निकल पाया जिसके कारण 285 रन में संतुष्टि करनी पड़ी।

दूसरी पारी में इंग्लैंड को 50 ओवर में कुल 286 रन बनाना था । इंग्लैंड की ओर से सलामी बल्लेबाज के रूप में जॉनी बेयरस्टो और जेम्स विंस आया था l दोनों ही टीम के अच्छे खिलाड़ी है और दोनों का प्रदर्शन अभी तक अच्छा रहा। देखना यह है कि आज यह दोनों ऑस्ट्रेलिया के सामने कितना अच्छा खेलता है। एक बात बता दूं आपको मैं इस मैदान पर अभी तक 250 रन को एक ही टीम चेस कर पाया था तो इसलिए इस मैदान पर 286 रन की चेस करना इतना आसान काम नहीं होगा न्यूजीलैंड के लिए। ओवर की दूसरी गेंद पर ही जेम्स विंस आउट हो गया था यह एक इंग्लैंड के लिए बहुत बड़ा झटका था। उसके पश्चात जो रूट खेलने आया था लेकिन एक छोटी सी पारी खेलकर मात्र 8 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके पश्चात एक के बाद एक आ रहे थे और कुछ रन बनाकर आउट हो जा रहे थे कोई भी एक ऐसे खिलाड़ी नहीं था जो एक लंबे पारी तक खेल सके l इसी के कारण इंग्लैंड ज्यादा रन नहीं बना पाए और 44.4 ओवर में 10 विकेट के नुकसान पर मात्र 221 रन ही बना पाए थे। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह एक बहुत बड़ा जीत थी क्युकी इसी के साथ ऑस्ट्रेलिया 12 पॉइंट पर पहुंच गए थे और पहला सेमी फाइनल क्वालीफायर बन गए थे।

Quote - "Failure will never overtake me if my determination to succeed is strong enough".

Author- Og Mandino

With Regards @muchukunda